
जय जननी, जय भारत माँ
शत-शत नमन तुम्हें
जय जन्म भूमि, जय कर्म भूमि
शत बार नमन तुम्हें!….
तेरी गोदी में खेले
पाया कंचन सम जीवन
तेरा आँगन सबसे न्यारा
सबसे प्यारा तेरा उपवन
जय-जय भारत देश की माटी
शत-शत नमन तुम्हें…..
तेरी आज़ादी की खातिर
वीरों ने प्राण गंवाए
एकता सदा रहे अक्षुण्ण
प्रण हमने भी दोहराए
गूंजे चंहुदिशि जय-जयकार
शत-शत नमन तुम्हें….।
मीना जैन इंदिरापुरम गाजियाबाद




