
कोई अगर जो पूछे मुझसे
कौन हूँ मै,
तो हंसकर बोल देती मोम सी
दिखती पर पत्थर हूँ मै,
कह देती कोई खास नही मामूली
इंसान हूँ मै!
थोड़ी पागल,थोड़ी ज़िद्दी,
थोड़ी गुस्सेबाज और
अलहड़ सी हूँ मै, आधी पक्की
सी आधी कच्ची सी हूँ मै!
छल,कपट,ईर्ष्या, झूठ, फरेब
पूरी सच्ची सी हूँ मै,
जज्बातों से ढकी, मर्यादित
एक पर्दा हूँ मै!
एक बहाना,कोई अच्छा सा
जीवन का ऐसा, साथी है
जो सच्चा सा,
हर किसी का ख्याल रखता
है अच्छा सा!
जब भी मन उदास हो जाता,
कुछ भी लिख देती
अच्छा सा,
मुझसे अगर कोई पूछे तो
कह देती कुछ खास
दिल रोता है बच्चा सा …!!
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश




