
माँ नर्मदा का अवतरण दिवस,
आज सबको हार्दिक शुभेच्छायें,
माँ नर्मदे स्तुति, प्रस्तुत करता हूँ,
अपार महिमा की जल धारायें।
हे माँ नर्मदे आशीर्वाद दीजिये,
कृपा अपनी सबपर कर दीजिये,
प्राणदायिनी, सर पे तेरा हाथ हो,
कलकल नाद का अहसास हो।
कल कल सुर संगीत ध्वनि हो,
मधुरिम चित खिलखिलाता हो,
हे शिवपुत्री माँ नर्मदे शीतला,
अविरल प्रवाह नयन-तुष्टि हो।
अमरकंटक से निकली माँ,
भेड़ाघाट का प्रपात बनी माँ,
विन्ध्य सतपुड़ा घाटियाँ फिर
अरबसागर में समाती हो माँ।
नर्मदे माँ, तुम जगतजननी,
मोक्षदायिनी, जीवनदायिनी,
अमृत जलदायिनी माँ नर्मदे,
नगरवासियों की प्राणदायिनी।
आदित्य करे माँ नर्मदे नमन,
हृदय से,अविरल बहती धाराएँ,
माँ नर्मदा जयंती पर हार्दिक
बधाई, अनंत शुभकामनाएँ।
सुनो गौर से दुनिया वालो
सुनो गौर से दुनिया वालो,
भारत ने ललकारा है,
भारत विश्वगुरु पहले था,
फिर विश्वगुरु कहलाया है।
सुनो गौर से दुनिया…
सदा सनातन धर्म हमारा,
विश्व वन्धुत्व का नारा है,
रामलला का मंदिर हमने,
फिर से वहीं बनाया है।
सुनो गौर से दुनिया…
काशी, मथुरा प्रयागराज का
गौरव फिर से हमने पाया है,
सबका साथ, सबका विकास
मोदी जी का नारा रंग लाया है।
सुनो गौर से दुनिया…
योगी जी का उत्तरप्रदेश अब
उत्तम प्रदेश कहलाया है,
जन गण मन, वंदे मातरम्,
‘भारत माँ की जय’ नारा है।
सुनो गौर से दुनिया…
इसरो ने भारत की शान बढ़ाया है,
अब फिर से बुद्ध पुन: मुसुकाया है,
मोदी योगी का यह देखो भारत है,
हर छत पे तिरंगा लहराया है।
सुनो गौर से दुनिया…
पूरब से लेकर पश्चिम तक,
उत्तर से लेकर दक्षिण तक,
भारत अब हिंदू राष्ट्र बना है,
अब भगवा रंग लहराया है।
सुनो गौर से दुनिया…
भारत का डंका बाज उठा है,
दुनिया भर में धाक जमाया है,
नाभिकीय, परमाणु शक्ति है,
आदित्य चाँद पे पैर जमाया है।
सुनो गौर से दुनिया वालो,
भारत में ललकारा है।
विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ




