
राम नवमी, पर दस्तक देता आलेख
राम,शब्द ही अद्भुत मंत्र है
राम शब्द ही अद्भुत मंत्र है , जो सदियों से धरती पर,विराजमान है
राम है तो हम सब है , दुनिया है, सुख सुकून है, जीवन में आनंद है
सब कुछ अादि आदि सुख सुकून
राम है तो है, राम कोई साधारण नहीं है यह एक अहसास है, ईश्वरीय शक्ति का अस्तित्व की , राम को खोजने की जरूरत नहीं है किसी किसी मंदिर में बल्कि वह हर व्यक्ति के दिल में विराजमान है , फिर किसी भी नाम से हो कोई फ़र्क नहीं पड़ता हैं सब दूर राम, सचिन तो यह कि राममय दुनिया है, श्रेष्ठ के कन कण में बसे राम है, मानव मात्र पशु पक्षी सभी प्राणियों के भीतर विराजमान है जो सदा उनकी रक्षा करते हैं
चाहिए रात को पहचाने की तासीर
आत्मा विश्वास जो उन्हीं नसीब है जो सचित्र हो , मानव मात्र पशु पक्षी सभी प्राणियों के कल्याण सोच और चिंतन लिए है , जो निर्विकार है
राग द्वेष, छल कपट जाति धर्म से कोसों दूर है
वो जानते हैं सब राम है उनके भीतर विराजमान है जन्म से, वहीं परम पिता परमेश्वर है, जिसने हमें जन्म दिया उसी राम ने, मानव मात्र पशु पक्षी सभी प्राणियों को जन्म दिया है
जिस दिन यह सत्य स्वीकार कर लेंगे, उसी दिन से राम की उपस्थिति को सदा ही अपने साथ महसूस करेंगे
काश यह दुनिया राम के महत्व को
अस्तित्व को समझ पाती तो सचमुच बहुत सुंदर शुभ सुखद होती
जिसे सोने की चिड़िया कहा जाता हैं
आज के पावन पर्व पर सृष्टि विकास और अन्नत के, मानव मात्र पशु पक्षी सभी के रक्षक राम के जन्म दिन को
सत् सत् प्रणाम करते हुए, मेरे भीतर विराजमान ईश्वर प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि मानव मात्र को अहसास कराया जाय राम कहा है और सम्पूर्ण विश्व धरा राममय है
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश




