
मजदूर हर काम को,देते सदा अंजाम।
चाहे कोई कुछ कहे, लेते नहीं विराम ।1।
इनके ही सम्मान की , बाते करते लोग।
इनके नहीं नसीब में,जीवन को ले भोग।2।
कहीं तोड़े पत्थर तो, कही तोड़ते हार।
लाल तरस नही खाये,अजब गजब ब्यवहार।3)
पल-पल करते चाकरी ,रोटी खातिर रोज।
लाल जाने कब आये,जीवन में सुख भोग।4।
मजदूरों के जोग से दुनिया बनी महान।
चाहे बात विनाश की या हो फिर निर्माण।5।
वरिष्ठ साहित्यकार,नई दिल्ल-44




