
प्रेम कभी शब्दों का मोहताज नहीं होता,
वह तो आँखों की झुकी पलकों में,
बिना कहे किए गए इंतज़ार में सांस लेता है,
खामोशियाँ अक्सर वह कह जाती हैं,
जिसे शब्द व्यक्त नहीं कर पाते,
क्योंकि,खामोशियों में छिपा प्रेम होता है |
हर प्रेम का शोर होना ज़रूरी नहीं,
कुछ रिश्ते नदी की तरह शांत होते हैं,
खामोश प्रेम त्याग भी सिखाता है,
वह अधिकार नहीं जताता,साथ निभाता है,
और कठिन समय में यह अहसास दिलाता है कि,
तुम अकेले नहीं हो..!
जहाँ शब्द तो हैं पर भावहीन संज्ञा शून्य,
पर,खामोशियों में छिपा प्रेम ही सच्चा प्रतीत होता है,
क्योंकि जो प्रेम बिना कहे समझ लिया जाए,
वही आत्मा से जुड़ता है..,
इसी लिए,आज भी जब तुम चुप रहते हो,
तो मैं तुम्हारे मौन में,
अपने लिए हजारों दुआएँ सुन लेती हूँ,
क्योंकि सच्चा प्रेम शब्दों से नहीं,
अहसासों से लिखा जाता है।
कुछ रिश्ते कभी भी बोले नहीं जाते,
फिर भी जीवन भर दिल में गूंजते रहते हैं,
क्योंकि,खामोशियों में छिपा प्रेम होता है ||
शशि कांत श्रीवास्तव
डेराबस्सी मोहाली, पंजाब
26-05-2026



