साहित्य

अंतर्राष्ट्रीय योग

Dinesh pal

आज दिनांक 21/06/2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में आर.डी.काव्य कुल दिल्ली तथा साहित्य चेतना मंच चंदौसी काव्य सम्मेलन टीम के संयुक्त तत्वाधान में बी.एम.जी इंटर कॉलेज चंदौसी के प्रांगण में एक अखिल भारतीय काव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी जनपद संभल गोरखनाथ भट्ट तथा कार्यक्रम अध्यक्षा नगर पालिका अध्यक्ष चंदौसी लता वार्ष्णेय रहीं। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य चंदौसी के आदरणीय जन एवं सेवानिवृत आदरणीय जन के मन को प्रसन्न करने, उनका मनोरंजन करने,उन्हें अवसर प्रदान करने तथा उनका आशीष प्राप्त करने के लिए किया गया जिसमें हिंदी विषय में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर युवाओं का आहवान करते हुए मुख्य मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी जिला संभल गोरखनाथ भट्ट ने कहा कि आज हर परिवार को स्वास्थ्य की ज़रूरत है राष्ट्र को आगे बढ़ाएं, योग करें और नीरोग रहें। स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण की आवश्यकता है जब महिलाएं स्वस्थ होगी तो स्वस्थ बच्चे पैदा होंग। जब स्वास्थ्य का परचम होगा तो हमारे देश में फिर से वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, अब्दुल कलाम आजाद, रानी लक्ष्मीबाई जैसे बच्चा बच्चे पैदा होंगे।जब शारीरिक स्थिति श्रेष्ठ हो ताकि हम विश्व में अपना अद्भुत स्थान बना सकें।

मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी जिला संभल ने प्लास्टिक हटाओ देश बचाओ का संदेश दिया और कहा कि प्लास्टिक को त्यागना होगा क्योंकि प्लास्टिक कैंसर को जन्म देती है साथ ही उन्होंने बहुत ही ज्ञानवर्धक बातें करके शासन और प्रशासन की नीतियों को बढ़ाकर खास तौर से योग और स्वास्थ्य पर सभी का ध्यान केंद्रित किया तथा अंत में रामधारी सिंह दिनकर तथा जयशंकर प्रसाद की कविताओं का भी वाचन किया।

कवि सम्मेलन के प्रारंभ में चंदौसी की सुप्रसिद्ध गीतकार आशा बिसारिया ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत करते हुए कहा हे मां वाणी वीणापाणी छेड़ो जरा सितार धरती पर चहुँ दिशा हो रही है तुम्हारी जय जय कार। कवि सम्मेलन की साहित्य चेतना मंच काव्य सम्मेलन टीम चंदौसी के काव्य गुरु सुखपाल सिंह गौर बदायूं ने काव्य पाठ करते हुए कहा

बड़े होते हैं जो वह सच में बड़े होते हैं।

अपने अपनों के लिए खुद से लड़े होते हैं।

एक बड़प्पन बड़ा उस वक्त नज़र आता है।

हमसे मिलकर हमारे साथ खड़े होते हैं।

साहित्य चेतना मंच चंदौसी संरक्षक संजय सृजन जने शायरी पढ़ते हुए कुछ इस तरह के अंदाज में पेश किया

इस मयकदा का क्या नाम लूं ।

तू ज़रा ठहर जाम को थाम लूं।।

थाम कर जाम के लबों को चूम लूं। तुम जरा रुको मैं थोड़ा झूम लूं।

रिमूव उत्तराखंड से पधारी करुण रस की कवयित्री शांति राणा शांति द्वारा काव्य पाठ कुछ यूं किया गया कि उठो जवानों समय पुकारे।

तन मन को बलवान करो।।

योग साधना की ज्योति से।। भारत का सम्मान करो।।

बरेली से पधारे कवि निर्दोष कुमार विन ने पढ़ा

याद हर पल मुझे तुम तो आने लगे। चुपके चुपके से दिल में समाने लगे।। यह समझ में ना आया मेरी आज भी। तुम बिना बात क्यों मुझको भाने लगे।।

चंदौसी के वीर रस के कवि वी.के त्रिपाठी विकट ने कुछ इस तरह पढ़ा रास्ते हो भले ही कितने विकट कंटककीर्ण।

पैरों में जब तक खून न निकल आए तब तक चलना ज़रूरी है।

कार्यक्रम के आयोजक करुण रस की कवि प्रधानाचार्य दिनेश पाल सिंह दिव्य ने कुछ इस तरह पढ़ा कि योग्यता को दंडित करके हुनर को आप मिटाओगे।

मेधा को अपमानित करके ।

यह देश कहां ले जाओगे।।

पवंशा संभल से पधारे वीर रस के कवि ज्ञान प्रकाश उपाध्याय ने पढ़ा देखकर रुंड मुंड कांपने लगे थे झुण्ड।

करे कौन सामना राणा जैसे वीर का।।

चंदौसी की सुप्रसिद्ध गीतकार कवयित्री श्रीमती आशा बिसारिया ने बहुत ही मनमोहक भजन प्रस्तुत करके वाह वाह लूटी कि मंदिर भारत की पहचान गगन चूमते कलश हैं इनके।

होता स्तुति गान।

मंदिर भारत की पहचान।।

भक्ति रस के आध्यात्मिक कवि मुकेश कुमार दीक्षित शिवांश ने भजन पढ़ते हुए कहा राम ही नाम ऐसा है जिसे दिल में हमें भरना।

मुसीबत लाख आ जाए हमें उनसे नहीं डरना।।

बहजोई से पधारे कवि दीपक गोस्वामी चिराग ने पढ़ा कि

बरगद जैसी छाँव पिताजी।

मां यदि घर तो गांव पिताजी।। खेल-खेल में खूब सीखने।

जीवन के शब्दों पिताजी।।

काव्य कुल संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली से पधारे कवि रंजीत शर्मा रंग ने शायराना अंदाज में पढ़ा कि मैं उस पगडंडी का मुसाफिर हूं।

चलना मुझे भी आता है।।

मैं उस वीराने का दीवाना हूं।

जलना मुझे भी आता है।।

चंदौसी के युवा कवि अपूर्व प्रताप सिंह अद्भुत ने पढ़ा

पिता है तो ही इस जहां में रौनक और सम्मान है।

वरना यह सुंदर धरती भी बस एक शमशान है।।

इस अवसर पर बदायूं से पधारे सुशील त्रिवेदी अनुज ,शिवानी दीक्षित महक, सुमन लता शर्मा संभल ,तथा पूनम परवीन नजीबाबाद इत्यादि लोगों ने काव्य पाठ किया।

इस कार्यक्रम में गौरव अग्रवाल, सेठ दिलीप वार्ष्णेय, प्रमोद कुमार गांधी ,आकाश कुमार,नीलेंद्र सिंह,आकाश राघव ,अभिनव वार्ष्णेय और डी.के. अग्निहोत्री इत्यादि लोगों का विशेष सहयोग रहा।

सेवानिवृत्तजन में जीतपाल सिंह, देवेंद्र शर्मा,अशोक कुमार वर्मा, दुर्गापाल सिंह,सुदेश पाल सिंह, जगदीश चंद्र राणा,हरीश कठेरिया हरिशंकर शास्त्री तथा इंद्रजीत सिंह यादव इत्यादि आदरणीयजन उपस्थित रहे।।

बी.एम.जी. इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य सीमा सागर नगर पालिका अध्यक्ष तथा कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य विकास अधिकारी जनपद संभल तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरख नाथ भट्ट द्वारा हिंदी विषय में 85% अंक से अधिक प्राप्त करने वाले चंदौसी के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी विशेष रूप से योग दिवस पर प्रशस्ति पत्र सम्मानित किया गया।

अखिल भारतीय काव्य सम्मेलन कार्यक्रम का संचालन खटीमा उत्तराखंड से पधारी शांति राणा शांति द्वारा किया गया ।

 

संचालक संचालन बहुत ही मनमोहक शेरो शायरी के साथ किया गया जिसकी सभी श्रोताओं में बहुत-बहुत सराहना की।

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