सैकड़ों कृतियों देश को भेंट करने वाले डॉ रामशंकर चंचल, अमेज़न पर दस्तक देती 16वीं कृति के साथ
डॉ रामशंकर

झाबुआ नि प्र ख्यात साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ देस को सैकड़ों कृतियों को भेंट करने के बाद आज तीन साल में विश्व पटल पर दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध कृतियों के साथ सारे देश और दुनिया में छाई कृतियों में शामिल होने जा रहे एक और महत्वपूर्ण कृति इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा जल्दी ही दस्तक दी जा रही डॉ रामशंकर चंचल की नई कविताएं , सचमुच बहुत ही गर्व है झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी जिले को कि यहां जन्म लिया धर की चार दीवारों तक सीमित जीवन व्यतीत करने वाले डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ आज देश और दुनिया में साहित्य जगत में ख्यातीप्राप्त नाम है बेहिसाब पढ़ा जाता और लाखों चाहने वाले द्वारा सराही जाता है सम्मान और आदर के साथ उन्हें पढ़ते हैं सुनते हैं
सारी जिंदगी साहित्य को समर्पित करने वाले डॉ रामशंकर चंचल उम्र के 68 साल में भी किसी युवा से अधिक ऊर्जावान और सक्रिय है जो आज आनेवाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है
वंदनीय है डॉ रामशंकर चंचल की साधना और तपस्या जिसने जीवन सार्थक करने के साथ साहित्य का अथाह भंडार दिया है जो सदियों याद किया जायेगा और हजारों हजारों को साहित्य से जोड़े रखेगा




