
#नमन मंच 🙏 🌹
#शब्दसिंधु जीवन के संघर्षों में आगे बढ़ने की सीख देती है,
मुश्किलें जो सामने हों, डटकर तुम सामना करो।
हारना मत कभी भी तुम, मन में हौसला भरो,
आंधियां भी आएंगी, तूफानों का दौर भी।
दीपक सा तुम जलते रहो, राहों में उजाला करो,
चलना ही जिंदगी है, रुकना नहीं कभी यहाँ।
मंजिल मिलेगी एक दिन, बस तुम यूँ ही चला करो,
गिरते हैं जो संभलते हैं, वही तो जीतते हैं।
गिरने का न डर रखो, गिर-गिर कर तुम उठा करो,
वक्त की धूप भी सहेगा, जो मुसाफिर सफर में।
छाँव उसे मिलेगी घनी, राहों में न तुम डरा करो,
हौसला रखो हिम्मत से हर काम
करो।
स्वरचित, मौलिक रचना
संगीता वर्मा, कानपुर उत्तर प्रदेश



