
से बनता है मानव
शरीर स्वस्थ आकार।
योग एक है जीवन की
पद्धति स्वास्थ्य आधार।।
योग से निर्मित होता तन-मन
और मस्तिष्क सुदृढ़।
तभी तो हम कर सकते हैं
हर जीवन स्वप्न साकार।।
2
भोग नहीं योग आज की बन
गया एक जरूरत है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता से ही
जीवन बचने की सूरत है।।
ग्यारह वर्ष पूर्व सम्पूर्णविश्व को
भारत ने दिखाया रास्ता।
आज तो पूरी दुनिया में भारत
बन गया योग की मूरत है।।
3
नित -प्रतिदिन व्यायाम ही तो
योग का एक रूप है।
व्यवस्थित हो जाती दिनचर्या
बदलता स्वरूप है।।
निरोगी काया आर्थिक स्थिति
भी होती योग से सुदृढ़।
योग तो सारांश में तन-मन की
सुंदरता का प्रतिरूप है।।
*रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”*
*बरेली।।*
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