
बारिश की फूहार सबके दिलों को भाती है।
बारिश की फुहार जब धरती पर गिरती है।
पेड़ पौधे हो जाते हैं।
हरे भरे।
बारिश की फुहार जब धरती पर गिरती है।
पशु पक्षी की प्यास बुझती है।
बारिश की फुहार जब शरीर पर पड़ती है।
भीषण गर्मी की तपिश शांत हो जाती है।
बारिश की फुहार खेतों पर गिरती है।
खेत हरे-भरे हो जाते हैं।
बारिश की फुहार से किसानों के चेहरों में मुस्कुराहट आ जाती है।
बारिश की फुहार से तालाबों, बांधों में पानी भर जाता है।
सालों साल काम आता है।
बारिश की फुहार में दाल ,बाटी, चूरमा का स्वादिष्ट व्यंजन मन को भावन लगता है।
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