
गमों को भुलाए नए साल में सब,
खुशी ही लुटाए नए साल में सब।
फिजाओं में रंगत हंसी वादियां ये
गुलशन सजाए नए साल में सब।
दिसंबर गया तो बड़ा सर्द मौसम,
गलन से बचाए नए साल में सब।
मुबारक सभी को ये जश्ने बहारा,
कि रंजिश हटाए नए साल में सब।
दबी ख्वाहिशें जो दिलों में सभी के,
वो सपने जगाए नए साल में सब।
खुशी का समा जिंदगी खूबसूरत,
नया जश्न मनाए नए साल में सब।
कि रूठे कोई तो चलो फिर मना ले,
ये नफरत मिटाए नए साल में सब।
भुलाके ये मजहब मिले फिर गले से,
दिलों को मिलाए नए साल में सब।
लगा माघ मेला सजे है शिवालय,
संगम मंजू नहाए नए साल में सब।
मंजू लता नागेश
प्रयागराज उत्तर प्रदेश




