
वसंत जो मन को सहारा दे,
इस तन को ऊर्जा से भर दे,
मां सरस्वती के दर्शन करा दे,
ज्ञान की सुंदर ज्योति जला दें।
वसंत वो सूरज पवन संग आए,
खेत जब पीली सरसों हो जाए,
फूल बन टहनियों पर खिल जाए,
जब आसमान अमृत बरसाए।
वसंत कृष्ण जब आएं धरती पर,
हम सबको मुरली तान सुनाएं
राधा संग रास करें श्रृंगार कर,
आंखों को दुर्लभ दर्शन हो जी भर।
काम देव रति का सुंदर मिलन हो जाए,
भंवरे फूलों पर मंडराने लग जाएं,
देवी देवता जब आने की ललक दिखाएं
स्वर्ग जब अपनी धरती स्वर्ग हो जाए।
संजय प्रधान
देहरादन।




