अंतर्राष्ट्रीय विराट कवि सम्मेलन, महुआ का भव्य आगाज़ सीमित संसाधनों में साहित्य का ऐतिहासिक आयोजन

महुआ (वैशाली)।[ प्रस्तुति : सिद्धेश्वर ]
“यदि कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो तो असंभव भी संभव हो जाता है।” इस कहावत को चरितार्थ करते हुए महुआ जैसे छोटे कस्बे में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय विराट कवि सम्मेलन ने यह साबित कर दिया कि संकल्प और समर्पण के आगे संसाधनों की कमी मायने नहीं रखती।
इस भव्य आयोजन के संयोजक, अंतर्राष्ट्रीय कवि डॉ. प्रीतम कुमार झा ने अपने सीमित साधनों के बावजूद देश-विदेश के चर्चित एवं प्रतिष्ठित कवियों को एक मंच पर एकत्र कर साहित्य प्रेमियों को अविस्मरणीय शाम भेंट की। बिना पारिश्रमिक और यात्रा भत्ता के भी अनेक ख्यातिप्राप्त कवियों की उपस्थिति इस आयोजन की गरिमा और प्रीतम जी के व्यक्तित्व का प्रमाण रही।
वैशाली जिले के महुआ में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रोताओं की उपस्थिति ने इसे सचमुच ‘विराट’ स्वरूप प्रदान किया। मंच पर प्रस्तुत कविताओं, गीतों और शायरी ने वातावरण को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया। रहन-सहन और व्यवस्था की कुछ सीमाओं के बावजूद आयोजन की आत्मीयता और साहित्यिक ऊष्मा ने सभी के मन में अमिट छाप छोड़ी।
यह समारोह उन मंचों के लिए भी एक संदेश बनकर उभरा, जहाँ कविता से अधिक लेन-देन को महत्व दिया जाता है। महुआ का यह आयोजन सादगी, सम्मान और साहित्य-समर्पण का जीवंत उदाहरण सिद्ध हुआ।मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट उपस्थिति कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री संजय सिंह ने किया।
मुख्य अतिथि किशलय किशोर तथा मानवाधिकार पत्रकारिता के लिए चर्चित डॉ. शशि भूषण कुमार सिंह उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में दक्षिण अफ्रीका से श्री दिनेश प्रसाद सिन्हा, अंतर्राष्ट्रीय कवि एवं आयोजक डॉ. प्रीतम कुमार झा, श्री विनोद हँसौरा, डॉ. रेणु शर्मा, सुमित सहगल, श्री अमर गुप्ता, डॉ. रीना मिश्रा, संजय शर्मा, वर्षा कुमारी झा, प्रमोद झा सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी, शिक्षाविद एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
पटना (बिहार) से पधारे वरिष्ठ कवि एवं चित्रकार सिद्धेश्वर सहित देशभर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान
कार्यक्रम का आरंभ बच्चों द्वारा प्रस्तुत माँ सरस्वती वंदना से हुआ।
रामायण के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
सभी कवियों एवं अतिथियों को अंगवस्त्र, शील्ड और मालाओं से सम्मानित किया गया।
पत्रकारों, समाजसेवियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ l
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