डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने किया आइकू विशेषांक का भव्य विमोचन

सहारनपुर। नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान के ऑनलाइन साहित्यिक पटल पर शुक्रवार को एक गरिमामय आयोजन के अंतर्गत दि ग्राम टुडे अखबार के समूह सम्पादक डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने संस्थान द्वारा प्रकाशित नव निर्मित विधा आधारित पत्रिका आइकू विशेषांक का भव्य विमोचन किया। यह आयोजन साहित्यिक उत्साह, नवाचार और रचनात्मकता से परिपूर्ण रहा।

विमोचन अवसर पर डॉ. पाण्डेय ने कहा कि यह पत्रिका और इसकी विधा दोनों ही अत्यंत नवीन एवं अनूठी हैं। उन्होंने बताया कि आइकू विधा के जनक डॉ. ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत हैं, जो नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान के संस्थापक भी हैं। यह विधा चार पंक्तियों पर आधारित है, जिसमें पहली पंक्ति में एक शब्द, दूसरी में दो शब्द, तीसरी में तीन शब्द तथा चौथी पंक्ति में चार शब्दों का प्रयोग किया जाता है। इसी अभिनव संरचना को आइकू नाम दिया गया है।
उन्होंने पत्रिका के अलंकरण और संपादन की सराहना करते हुए कहा कि इसका प्रत्येक पृष्ठ अत्यंत आकर्षक एवं श्रमसाध्य प्रतीत होता है। पत्रिका का संपादन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कान्त मिश्र ने किया है, जिनकी मेहनत और साहित्यिक दृष्टि पत्रिका में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि यह विशेषांक जितनी बार पढ़ा जाए, उतना ही नया अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने पत्रिका के प्रत्येक पृष्ठ का सूक्ष्म अध्ययन कर उसका प्रभावशाली विमोचन किया।
इस विशेषांक में लगभग 15 रचनाकारों की रचनाओं को स्थान दिया गया है। डॉ. पाण्डेय ने आयोजन का अवसर प्रदान करने के लिए संस्थान के संस्थापक डॉ. ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत, अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कान्त मिश्र तथा कार्यकारी अध्यक्षा डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय सहित सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही पत्रिका में सम्मिलित सभी रचनाकारों को शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की।
इस अवसर पर डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय, अमिता गुप्ता, कुमार संदीप, सुरेशचन्द्र जोशी, डॉ. विजय प्रताप शाही, डॉ. अनिल शर्मा, सुधीर श्रीवास्तव सहित अनेक साहित्यकार एवं रचनाकार उपस्थित रहे और विमोचन के साक्षी बने।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत ने कहा कि यह विमोचन समारोह अत्यंत शानदार और ऐतिहासिक रहा। उन्होंने कहा, ऐसा विमोचन न भूतो न भविष्यति। साथ ही उन्होंने डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय एवं डॉ. कृष्ण कान्त मिश्र के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।




