साहित्य समाचार

डॉ. भारद्वाज राजनारायण चौधरी बाल साहित्य शिखर-सम्मान* से सम्मानित किए गए

दुर्गेश मोहन 

हिंदी बाल साहित्य शोध संस्थान, बनौली, दरभंगा के नवम् स्थापना दिवस-समारोह स्नेह अगेही शिक्षण-संस्थान में पटना, बिहार के चर्चित बाल साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को *राजनारायण चौधरी बाल साहित्य शिखर- सम्मान* प्रदान किया गया।
यह सम्मान उन्हें बाल साहित्य में उल्लेखनीय कार्य हेतु उनकी कृति बाल कविता-संग्रह— *’देखो मस्त मदारी आया के लिए 9 फरवरी, 2026 को दरभंगा, बिहार में दिया गया। देखो मस्त मदारी आया* में 58 बाल कविताएँ संकलित हैं। बिहार के प्रसिद्ध बाल साहित्यकार श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी एवं उत्तर प्रदेश के चर्चित बाल साहित्यकार डॉ. नागेश पांडेय ‘संजय’ की शुभाशंसा एवं भूमिका है। ये कविताएँ बच्चों का देश, बाल भारती, चहल-पहल, नव किरण, बचपन, देवपुत्र, बाल किलकारी —जैसी बाल पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हुई हैं। डॉ. भारद्वाज किलकारी बिहार बाल-भवन में 2015 से बकौल लेखन प्रशिक्षक बच्चों को सृजनात्मक लेखन सिखाते आ रहे हैं। उनकी अभी तक दो शेरो शायरीसंग्रह, तीन लघुकथासंग्रह, नौ नाटक, ग्यारह कहानीसंग्रह, एक हाइकुसंग्रह, दो कवितासंग्रह, बारह शिक्षा-जगत् की पाठ्य एवं सहायक पाठ्य पुस्तकें सहित कुल चालीस पुस्तकें प्रकाशित हैं। साथ ही अखिल भारतीय प्रगतिशील लघुकथा-मंच, पटना की ओर से डॉ. परमेश्वर गोयल लघुकथा शिखर सम्मान लघुकथा भूषण, अभिनव नाट्याचार्य, भाऊराव देवरस सेवा न्यास-समिति, लखनऊ, उत्तर प्रदेश से पं. प्रताप नारायण मिश्र स्मृति युवा साहित्यकार सम्मान— नाटक-रंगमंच पीयूष प्रियंवद साहित्य सम्मान—इटौंजा (उ. प्र.), सर्वश्रेष्ठ लघुकथा सम्मान, तुलसी साहित्य सम्मान, भोपाल (म.प्र.), बेस्ट टीचर अवार्ड—प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी, नयी दिल्ली, कुशल प्रशिक्षक सम्मान—किलकारी बिहार बाल-भवन -जैसे पुरस्कारों/ सम्मानों से भी नवाजे गए हैं। डॉ. मेहता नगेंद्र सिंह, ज्ञानदेव मुकेश, बलदेव सहनी, डॉ. सतीश चंद्र भगत, अमिताभ सिन्हा, सुधांशु कुमार चक्रवर्ती सुधा पांडेय, गीता रस्तोगी ‘गीतांजलि -जैसे साहित्यकारों-विद्वानों की गरिमामय उपस्थिति थी।
प्रस्तुति _दुर्गेश मोहन
बिहटा, पटना (बिहार)

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