रंजीता निनामा के अद्भुत स्वर और अथक परिश्रम से डॉ रामशंकर चंचल की कालजयी कविता छाई विश्व में

मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ की पावन भूमि से डॉ रामशंकर चंचल जैसे महान व्यक्तिव ख्यात साहित्य साधक की अद्भुत कविता आदिवासी अनेक भाषाओं में अनुवाद हो देश में चर्चित कविता का सम्मान लिए है आज उस अद्भुत कविता को सैकड़ों प्रतिभा धनी रंजीता निनामा जी को अंग्रेजी में अनुवाद करते हुए यादगार चित्र यादगार संयोजन से अथक परिश्रम द्वारा बेहद सार्थक बेहद कालजयी विडियो बना कर सम्पूर्ण विश्व पटल पर दस्तक देता हुआ छाया हुआ है
जिसे मात्र एक दिन में मीडिया ग्राम टुडे दैनिक चर्चित पत्रिका चर्चित समाचार सिद्धम टाइम्स आदि सैकड़ों समाचार के आशीष को देश और विश्व में अद्भुत देख कर हजारों हजारों बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही है
सचमुच बेहद गर्व है झाबुआ आदिवासी पिछड़े अंचल की पावन पवित्र धरा जहां से डॉ रामशंकर चंचल जैसे ख्यात साहित्य साधक और रंजीता निनामा जी जैसे अद्भुत प्रतिभा धनी ने इतिहास रचा है जो सदियों जिंदा रहेगा इसमें कोई दो मत नहीं




