वास्तु दोष महलों में होते,
पक्के घर में,
बंगलों में।
जिनके सिर्फ झोपड़ी है
उस घर में
कोई दोष नहीं।
अपच,कब्ज,खट्टी डकार,
फिर बवासीर,
छत्तिस व्यंजन में।
भुक्खड़ और कुपोषित
निर्बल आम जनों को
होते ऐसे रोग नहीं।
लक्ष्मी जी उल्लू पर
बैठी जहां जहां,
उनको भय है।
मजदूरों, मजलूमों को
फाकामस्तों को
कभी सताते चोर नहीं।
हवस,निलज्जापन,मनबढ़
जिन पर हावी है
ईश कृपा है।
बाकी मुंहझौसे
हम जैसे आम जनों को
कुछ ईश्वर का भोग नहीं है।
सिर्फ घटाना,भाग लगाना
भिन्न काटना
और दशमलव की गणना है।
गणित जहां कमजोर
वहां पर
कोई संख्या योग नहीं है।
सतीश चन्द्र श्रीवास्तव
रामपुर मथुरा जिला सीतापुर




