
114वाँ बिहार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳 के साथ शेरशाह की धरती रोहतास, सह्त्रबहु की धर्मस्थलि रोहतास, रोहित की कर्मभूमि रोहतास और प्रकृति की गोद गुप्ताधाम, माता ताराचंडी की नगरी रोहतास से
बिहार दिवस के इस पावन और गौरवशाली अवसर पर आप सभी को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ।
*आज बिहार मेरे लिए केवल एक राज्य नहीं, बल्कि एक भावना है*—गौरव की, ज्ञान की, संस्कृति की और अनगिनत संभावनाओं की। एक शिक्षक के रूप में जब मैं अपने विद्यार्थियों के बीच खड़ा होता हूँ, तो मुझे उनमें भविष्य का बिहार दिखाई देता है—एक ऐसा बिहार जो और अधिक शिक्षित, जागरूक, संवेदनशील और सशक्त होगा।
यह वही धरती है, जिसने विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया, और आज भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रही है। मेरे लिए कक्षा का हर बच्चा एक सपना है, एक उम्मीद है, जिसे सही मार्गदर्शन, संस्कार और विश्वास की आवश्यकता है। *जब मैं उन्हें पढ़ाता हूँ, तो केवल पाठ्यपुस्तक नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, सही और गलत का अंतर, और आगे बढ़ने का साहस भी सिखाने का प्रयास करता हूँ*।
बिहार की लोक संस्कृति, यहाँ के लोकगीत, परंपराएँ और हमारी विरासत हमें हमारी जड़ों से जोड़ती हैं। यह धरती हमें सिखाती है कि कठिनाइयों के बीच भी आगे बढ़ना ही जीवन है। यही सीख मैं अपने नौनिहाल विद्यार्थियों और शिक्षकों को देना चाहता हूँ—कि परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, अगर इरादे मजबूत हों, तो सफलता निश्चित है।
*एक शिक्षक के रूप में मेरी सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब मेरे विद्यार्थी नौनिहाल बच्चे आगे बढ़ते हैं, अपने सपनों को साकार करते हैं और समाज में एक अच्छा इंसान बनकर उभरते हैं। क्योंकि मेरे लिए सच्ची शिक्षा वही है, जो व्यक्ति को केवल सफल नहीं, बल्कि श्रेष्ठ बनाती है*।
आइए, इस बिहार दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर, अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करेंगे और अपने बिहार को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगे।
क्योंकि एक शिक्षक की कलम से ही एक सशक्त समाज और समृद्ध बिहार की नींव रखी जा सकती है।
*हमें गर्व है कि हम बिहारी हैं।
जय बिहार! 🪷🇮🇳✨ उन्नत बिहार उज्जवल बिहार।
मुन्ना प्रसाद
राजकीय सम्मानित शिक्षक
सह मास्टर ट्रेनर PTEC sasaram




