साहित्य समाचार

डाॅ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, राकेश कौशिक और डाॅ. अनिल शर्मा ‘अनिल’ को मिला 50+ सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा सम्मान

मुजफ्फरनगर।जीवन के उत्तरार्ध में भी सतत सृजन, समाज सेवा और साहित्य साधना में निरंतर सक्रिय रहना अपने आप में एक साधना है। ऐसी ही साधना और समर्पण को सम्मानित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मेरा वजूद फाउंडेशन एवं इंसाइट टॉक्स के संयुक्त तत्वावधान में भव्य “50+ सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। यह समारोह न केवल प्रतिभाओं का सम्मान था, बल्कि अनुभव, संघर्ष और सृजनशीलता के अद्भुत संगम का जीवंत उत्सव भी बना।


इस गरिमामयी अवसर पर दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह के समूह सम्पादक डाॅ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, वरिष्ठ साहित्यकार राकेश कौशिक एवं प्रतिष्ठित साहित्यकार डाॅ. अनिल शर्मा ‘अनिल’ को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए क्रमशः पत्रकारिता एवं साहित्यकार श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके वर्षों के निरंतर लेखन, सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और साहित्यिक चेतना को समर्पित जीवन का प्रमाण है।
समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 50 वर्ष से अधिक आयु के 150 से अधिक प्रतिभागियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह आयोजन इस बात का सशक्त संदेश देता है कि प्रतिभा और सृजनशीलता की कोई आयु सीमा नहीं होती, बल्कि अनुभव के साथ उसका प्रभाव और भी गहरा होता जाता है।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में मेजर जनरल प्रमोद सहगल (सेवानिवृत्त), श्रुतिधारा आर्य, कुल भूषण काइन, कुंवर शेखर विजेन्द्र, डॉ. आर. एम. तिवारी तथा स्वामी तेजेश्वरानंद जैसे विशिष्ट एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल रहे। सभी अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन, साहित्य की भूमिका तथा वरिष्ठ प्रतिभाओं के योगदान को रेखांकित किया।
अतिथियों ने सम्मानित प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए उनके कार्यों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर पूरे सभागार में सम्मान, गर्व और प्रेरणा का वातावरण व्याप्त रहा। अपने उद्बोधन में डाॅ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने कहा कि
“यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी रचनाकारों और पत्रकारों का है, जो निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ समाज की सेवा में निरंतर लगे हैं। यह मुझे और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। राकेश कौशिक ने कहा कि “साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उसकी आत्मा भी है। यह सम्मान मेरी साहित्य साधना को नई ऊर्जा प्रदान करता है और आगे भी समाज की संवेदनाओं को शब्द देने का संकल्प मजबूत करता है। डाॅ. अनिल शर्मा ‘अनिल’ ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा,कि यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। लेखनी मेरे लिए साधना है, और मैं अपने शब्दों के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करता रहूँगा।”
समारोह के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंग भरते हुए उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था और गरिमामयी वातावरण ने इसे एक यादगार आयोजन बना दिया।
यह आयोजन इस बात का जीवंत प्रमाण बना कि जब अनुभव, ज्ञान और सृजनशीलता एक मंच पर मिलते हैं, तो समाज को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। “50+ सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा सम्मान समारोह” वास्तव में उन सभी व्यक्तित्वों को नमन था, जिन्होंने अपने कर्म, विचार और सृजन से समाज को समृद्ध किया है।

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