साहित्य

माँ दुर्गा आओ

डॉ. मंजु गुप्ता

झोली भरने , आओ माँ, नवरात्रे में ,घर – द्वार हमारे।

कृपा करो माँ ,दुख हरना,दुनिया पूजे, दर खड़ी तुम्हारे।।

मंदिर आएँ , भक्त सभी , सजा दरबार, जन सुने कहानी।

ढोल बजे हैं , पाठ करें , चौकी बैठी,तुम लगो सुहानी।।

मैया रानी , छंद रचूँ, वर को देना, माँ ! मिले सहारा।

महिमा गाऊँ , भजनों में , मातु शारदा,न करना किनारा।।

अद्भुत प्यारा, रूप लगे, नौ स्वरूप में,तू दिखे भवानी।

हे शैल सुता, कूष्मांडा, चंद्र घँटा माँ, दो मुझे निशानी।।

डॉ. मंजु गुप्ता

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