विश्व भोजपुरी सम्मेलन की सभी इकाइयाँ भंग, नए सिरे से होगा गठन: डॉ. सुधाकर तिवारी
दि ग्राम टुडे/संवाददाता

देवरिया।
विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय कार्यालय पर आयोजित आजीवन सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की राष्ट्रीय, प्रादेशिक एवं जनपद स्तरीय सभी इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्णय लिया गया। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुधाकर तिवारी ने दी।

उन्होंने बताया कि नई इकाइयों के गठन तक सम्मेलन के नाम, बैनर, पैड और मोहर के उपयोग पर भी पूर्णतः रोक लगा दी गई है।
बैठक की अध्यक्षता प्रसिद्ध भोजपुरी साहित्यकार डॉ.ब्रज भूषण मिश्र ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के गौरवशाली अतीत पर प्रकाश डालते हुए संगठन को नई ऊर्जा के साथ पुनर्गठित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यालय सचिव जगदीश नारायण उपाध्याय ने बैठक की प्रस्तावना रखते हुए पूर्व कार्यों का विवरण एवं भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की।
नेपाल से आए 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2027 में नेपाल में विश्व भोजपुरी सम्मेलन आयोजित करने, समकालीन भोजपुरी साहित्य पत्रिका का पुनः प्रकाशन शुरू करने तथा युवाओं को सम्मेलन से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
इसके अतिरिक्त, नए सदस्यों को जोड़ने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। राष्ट्रीय सचिव डॉ. जयकांत सिंह, डॉ. कमलेश एवं हीरालाल ‘हीरा’ ने अंतरराष्ट्रीय कार्यकारिणी से शीघ्र नई इकाइयों के गठन का आग्रह किया। सदस्य विजय मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भोजपुरी को राज्य की द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने हेतु पहल करने तथा जनप्रतिनिधियों से सहयोग लेने का सुझाव दिया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिली।
बैठक के अंत में सम्मेलन के दिवंगत 18 सदस्यों के प्रति शोक प्रस्ताव पारित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का समापन अंतरराष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुधाकर तिवारी द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार ज्ञापन के साथ हुआ।
बैठक में भारत एवं नेपाल के कुल 18 आजीवन सदस्यों की उपस्थिति रही।




