
आज बहुत से घरों में
खुशियों की आवाज़ें होंगी,
कहीं मिठाई बँटेगी,
तो कहीं आँखें नम होंगी।
किसी के चेहरे पर चमक होगी,
किसी के मन में सवाल होंगे,
किसी को शाबाशी मिलेगी,
तो किसी पर ताने बेहिसाब होंगे।
पर सुनो,
ये नंबर सिर्फ अंक हैं,
तुम्हारी पूरी पहचान नहीं।
ये कागज़ का एक पन्ना है,
तुम्हारे सपनों की उड़ान नहीं।
ज़िंदगी की किताब में
और भी कई अध्याय हैं,
जहाँ जीत वही पाता है
जिसके हौसले सच्चे और अटल हों।
अगर आज कम आया है,
तो दिल छोटा मत करना,
ये हार नहीं, बस खुद को और
बेहतर करने का मौका है।
याद रखना,
परिणाम से भविष्य तय नहीं होता,
भविष्य तय होता है
मेहनत, लगन और विश्वास से।
चलते रहना,
सीखते रहना,
क्योंकि देर से ही सही,
मेहनत का फल मिलता ज़रूर है।
©® डॉ.सारिका ठाकुर ‘जागृति’
ग्वालियर (मध्य प्रदेश )




