साहित्य

गर्मी और पशु पक्षियों का जीवन

सौ, भावना मोहन विधानी

तेज तपती गर्मी में हो रहा है,
पशु और पक्षियों का बुरा हाल।
चारों ओर पानी का अभाव है,
सूखे कुएं नदी और सारे ताल।

इस भीषण गर्मी में बेचारे,
प्यासे पशु और पक्षी कहां जाएं?
आओ हम सब मिलकर ही,
इनके लिए पानी की व्यवस्था करवाएं।

सब लोग अपने घरों की छतों पर,
पक्षियों के लिए दाना पानी रखा करें,
पशुओं के लिए जो टंकी रखी होती है,
उसे साफ और स्वच्छ जल से भरे।

तेज तपती गर्मी से इन्हें बचाने के लिए,
घर के आंगन में कुछ पल बैठने दे।
जितना संभव हो सके सबसे,
मुक जानवरों के खाने की व्यवस्था करें।

जानवरों के प्रति मन में करुणा रखें,
यह बेचारे कुछ बोल नहीं पाते हैं।
हमारे दाना पानी की छोटी सेवा से,
हमारे करम सुखद बन जाते हैं।

सौ, भावना मोहन विधानी ✍️
अमरावती महाराष्ट्र।

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