
हम देश के युवा हैं हमको देश बदलना है
जीवन के हर संघर्ष को खुशियों में ढलना है।
अंधेरों से क्या डरना दीपक खुद बन जाएंगे
ठोकर भी जो खाएंगे आगे ही बढ़ जाएंगे।
हौसलों की आग लेकर हमको राह बनानी है,
अपने सपनों की खातिर दुनिया नई सजानी है।
हर दिल में विश्वास जगे हर मन में उजियारा हो,
मेहनत की हर बूंद से भविष्य हमारा प्यारा हो।
रुकना नहीं, झुकना नहीं ये प्रण हमको लेना है
हर मुश्किल को हँसकर अब, आसान हमें करना है।
नफरत की दीवारों को मिलकर हमें गिराना है
प्यार और एकता से भारत को सजाना है!
हम बदलेंगे खुद को तो देश भी बदल जाएगा,
हर युवा के जागने से नया सवेरा आएगा।
चलो उठो अब साथियों ये समय पुकार रहा,
तुममें ही है ताकत वो जो इतिहास संवार रहा।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश में




