रसविंदु काव्य निकुंज का भव्य लोकार्पण, डॉ. प्रेमलता ‘रस बिंदु’ सम्मानित
दि ग्राम टुडे/संवाददाता

गोरखपुर।सर्वभाषा ट्रस्ट एवं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक गरिमामय साहित्यिक समारोह में कवयित्री डॉ. प्रेमलता ‘रस बिंदु’ की नवीन कृति ‘रसविंदु काव्य निकुंज’ का भव्य लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में साहित्यिक वातावरण के बीच रचनाकारों और साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
समारोह के दौरान श्री दीप प्रकाशन, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस काव्य कृति का विमोचन किया गया। इस अवसर पर श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान, गोरखपुर के मुख्य ट्रस्टी श्री दिनेश गोरखपुरी, देव दीप साहित्य संगम, गोरखपुर से श्री अभय ज्योति जिज्ञासु एवं श्री ईश्वर चंद्र वाचस्पति ने डॉ. प्रेमलता ‘रस बिंदु’ को ‘साहित्य भूषण’ सम्मान, अंगवस्त्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
गोरखनाथ, गोरखपुर निवासी डॉ. प्रेमलता ‘रस बिंदु’ पेशे से शिक्षिका हैं और लंबे समय से साहित्य साधना में सक्रिय हैं। वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सशक्त लेखन के लिए जानी जाती हैं तथा मंच संचालन में भी दक्ष हैं। उन्हें विभिन्न साहित्यिक मंचों से कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनके पिता स्व. कामता प्रसाद ‘रसविंदु’ भी क्षेत्र के प्रतिष्ठित कवि रहे हैं। इससे पूर्व उनकी कृति ‘प्रेमरस कलश’ का भी प्रकाशन हो चुका है।
इसी अवसर पर डॉ. सरिता सिंह की पुस्तक ‘अंतहीन सफर’ का भी लोकार्पण किया गया। उन्हें भी आयोजकों की ओर से अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य ट्रस्टी श्री दिनेश गोरखपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. प्रेमलता ‘रस बिंदु’ की रचनाएं समाज की नब्ज़ को छूती हैं और ‘रसविंदु काव्य निकुंज’ का प्रकाशन संस्था के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि पिता से पुत्री तक साहित्य की यह परंपरा गोरखपुर की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करती है। साथ ही डॉ. सरिता सिंह की कृति ‘अंतहीन सफर’ को भी उन्होंने प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में नगर के गणमान्य साहित्यकार, कवि, शिक्षक, कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं साहित्य-प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे समारोह की गरिमा और बढ़ गई।




