मिडिया और सोशल मीडिया दोनों के प्यार को जिंदा रखें, देश का एक मात्र अद्भुत साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल

आज के समय सचमुच बेहद सार्थक और प्रेरणा स्रोत बात है कि झाबुआ आदिवासी पिछड़े अंचल के साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल वो हस्ती हैं जिसने, मीडिया और सोशल मीडिया दोनों के अथाह प्यार और आशीष को बरकरार रखा है
प्रतिदिन सैकड़ों हजारों चाहने वाले
उनकी मीडिया के समाचार को बेहिसाब प्यार और आशीष देते हुए हजारों हजारों आज देते हैं
खुद डॉ रामशंकर चंचल के सैकड़ों हस्तियों संपादक मित्र आज उनकी फेस बुक गूगल पर दस्तक देते हैं और गर्व महसूस करते हैं कि डॉ रामशंकर चंचल को हमने बहुत बहुत प्रकाशन किया और डॉ रामशंकर चंचल कहते है कि
सच तो यह है कि मैं एजे जो कुछ हूं मीडिया के अथाह प्यार आशीष का सुखद अहसास है कि सालों से नसीब प्यार और आशीष मिल रहा है
हजारों हजारों रचनाओं का समाचार को सचित्र प्यार आशीर्वाद सदा ही सालों से नसीब है यह ईश्वरीय उपहार है उसका प्यार आशीष है मुझे जैसे साधारण नाचीज़ इंसान पर सचमुच वंदनीय है सभ मीडिया के परम् आदरणीय सम्पादक, पत्रकारिता से जुड़े सभी मित्र देश के
बस सदा ही मन और आत्मा सभी को अपना मानती हैं और मैं सदा ही मानव मात्र पशु पक्षी सभी प्राणियों को सादर प्रणाम करते हुए प्यार करता हूं जानता हूं सभी उसी ईश्वर की संतान है जिसने मुझे बनाया है
इसलिए अक्सर में एक बात पूर्ण आस्था और आत्मा से कहता आया हूं कि मैं , कुछ नहीं है केवल वो है जिसे सब ईश्वर कहते है




