
मजदूर दिवस पर विशेष
हाँ मैं भी हूँ एक मजदूर की संतान,
करता हूँ मजदूरी पे मैं भी काम,
निकलता हूँ रोज सुबह काम की तलाश मैं,
करके दिन भर मजदूरी पैसा कमाना मेरा काम है,
मेहनत मजदूरी करकर परिवार चलाना मेरा काम है,
बिना मजदूर के बिकास अधूरा है
चाहे बड़ा हो या छोटा कोई मुकाम,
भारत मैं हो या विदेश मैं,
मजदूर मिलेगा हर देश मैं,
तपती गर्मी हो भीषण ठण्ड,
आंधी हो या बरसात की शाम,
मजदूर खड़ा है हर जगह सीना तान
उद्योग जगत मैं लोग अपना नाम कमाते,
बिन मजदूर के रहते हैँ ये परेशान
चलो आओ मजदूर दिवस मनाते हैँ
सभी मजदूरों के आगे अपना सर झुकाते हैँ !!!!
सभी मजदूरों को समर्पित —
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✍🏼पंकज एस पाण्डेय, शिकोहाबाद !!!
स्वरचित, मौलिक,




