साहित्य

बाबा नगरी के दोहे

डॉ जगदीश नारायण गुप्त

काशी आओ घूमने, दिल में लिए उमंग।
देखो गंगा आरती, अद्भुत निर्मल रंग।।

शहर बनारस धाम में, भोले का है राज।
दिलो जान से देखिये, काशी नगरी आज।।

आते निशदिन घूमने , राजा और फकीर।
सत्य कहें जगदीश हैं, दुनिया बड़ी अमीर।।

कालभैरव निवास है, शहर बनारस देख।
पहले दर्शन कीजिये, सत्य कर्म हो लेख।।

बाबा नगरी धाम में, धर्म ध्वजा लो हाथ।
शंकर भोलेनाथ की, कृपा आप के साथ।।

संकट मोचन हैं यहीं, बजरंगी हनुमान।
दर्शन कर लो आप भी, पाओ सच्चा ज्ञान।।

काशी में भी हैं बने, मंदिर यहाँ अनेक।
भारत माँ का भी बना, सुंदर मंदिर एक।।

डॉ जगदीश नारायण गुप्त
“जगदीश”
बनारस✍️✍️

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