
आओ मिलकर एक पेड़ लगाएँ
मिलकर सारे पर्यावरण को बचाएँ।
हरियाली से धरती का श्रृंगार करें
जीवन में खुशियों का विस्तार करें।
पेड़ों से मिलती शीतल छाया,
इनसे ही मुस्काता जग सारा।
पक्षी गाते मीठे तराने
सुनकर झूम उठें दीवाने।
नदियाँ निर्मल, खेत हरे-भरे हों,
जीवन के सपने सभी सुनहरे हों।
पेड़ लगाकर पुण्य कमाएँ
आने वाली पीढ़ी को उपहार दे जाएँ।
धुआँ, प्रदूषण दूर भगाएँ,
स्वच्छ हवा का दीप जलाएँ।
धरती माँ का मान बढ़ाएँ
हर आँगन में पौधे सजाएँ।
जब-जब हम एक वृक्ष उगाएँगे,
तब-तब जीवन के गीत सुनाएँगे।
आओ मिलकर यह प्रण निभाएँ
हर वर्ष कई पेड़ लगाएँ।
हरा-भरा हो देश हमारा
यही हो सपना सबसे प्यारा।
आओ मिलकर एक पेड़ लगाएँ
मिलकर सारे पर्यावरण को बचाएँ।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश




