साहित्य

नशे से नाता तोड़ो

कुलदीप सिंह

#नशे से नाता तोड़ो साथी, जीवन से रिश्ता जोड़ो,

उजले कल की राह पकड़कर आशा का दीपक जोड़ो।

 

जो बोतल में सुख ढूँढ़ेगा, दुख का सागर पाएगा,

माँ की सूनी आँखों का वह, हर आँसू बन जाएगा।

 

युवा शक्ति की असली पहचान साहस और संस्कार बने,

भारत माँ के वीर सपूत, श्रम से अपना श्रृंगार करें।

 

कलम उठाओ, खेत सजाओ, सपनों को आकार दो,

मेहनत की हर बूँद से अपने, जीवन को उपहार दो।

 

नशा नहीं, शिक्षा अपनाओ, यही सफलता का द्वार,

स्वस्थ तन और निर्मल मन से, होगा उज्ज्वल हर परिवार।

 

आओ ऐसी शपथ उठाएँ, जन-जन तक संदेश जाए,

नशामुक्त हो अपना भारत, विश्व में फिर शीश उठाए।

 

नशा नहीं, विश्वास चुनेंगे मेहनत से इतिहास चुनेंगे।

स्वस्थ युवा, समृद्ध देश यही हमारा पावन संदेश।

 

 

कुलदीप सिंह रुहेला

सहारनपुर उत्तर प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!