
सोशल मीडिया का भूत
सोशल मीडिया का भूत सवार है,
सबको ही इससे प्यार है।
चाहे बूढ़ा हो, चाहे हो जवान,
नई-नवेली दुल्हन या नन्हा मेहमान,
सबको इससे बेइंतहा प्यार है,
सोशल मीडिया का भूत सवार है।
कोई रील बनाए कोई ठुमके लगाएं..
घर के सारे काम छोड़ मैसेजर पे समय बिताए…
कोई आपबीती, कोई जगबीती
सोशल मीडिया पर सुनाता।
सबको इससे बड़ा दुलार है….
रहता व्यूज़ का इंतज़ार है…
होटल में खाना बाद में खाया जाता हैं,..सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर औरों को जलाया जाता है….
गरम-गरम पकौड़े ठंडे हो जाएँ,
पर लाइक और व्यूज़ ज़रूर आ जाएँ
फोटो अच्छी आए बस इतना विचार है,….
सोशल मीडिया का भूत सवार है।
कोई शेयर माँगे, कोई लाइक माँगे,
कोई कमेंट के लिए बेक़रार है…
ऑनलाइन भिखारियों की अब भरमार है…..
सोशल मीडिया का भूत सवार है।
अगर पोस्ट न डाले, सब बीमार हैं,
मानो जीवन के सारे सुख बेकार हैं।
हमको भी सोशल मीडिया का भूत सवार है,
सच कहें, हमको भी इससे प्यार है।
आँख खुले तो मोबाइल-दर्शन,
यही मथुरा काशी, चारों धाम है…..
सोशल मीडिया ही अब परिवार है,
इसी से अपना हर त्योहार है….
पास बैठे अपने जन भाते ना…
घर के रिश्ते-नाते सुहाते ना…
मोबाइल से ही अब सरोकार है,
सोशल मीडिया का भूत सवार है।
व्यू बढ़ जाएँ तो खुशी अपार है,
घट जाएँ तो चेहरा लाचार है।
फिल्टर वाली फोटो से बड़ा प्यार है,
सोशल मीडिया का भूत सवार है।
सचमुच कैसा ये अजब संसार है,
सोशल मीडिया का भूत सवार है…
सीता सर्वेश त्रिवेदी जलालाबाद शाहजहांपुर




