साहित्य

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:

डॉ. प्रभा जैन

विघ्नहर्ता मंगलकारी

वन्दना प्रथम पूज्य देव की,

माथे पर कुमकुम- केसर- तिलक

गज मुख धारी प्रिय गणेश

 

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:

 

कमल-कांति कंठ में

सुशोभित श्वेत मोती माला,

कर में मोदक सुन्दर नयन छवि अति प्रिय श्री गणेश की।

 

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:

 

एक दन्त चंद्र समान ललाट

कर्ण विशाल,गज रूप,

पीतांबर वस्त्र लहराते

लम्बोदर कहलाते प्रिय गणेश।

 

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:

 

रत्न जड़ित स्वर्ण सिंघासन बैठे

गणनायक मंगलमूर्ति सुख दायक

नूपुर ध्वनिबजतीरुनझुन-

रुनझुन

पैर बदलते जब प्रिय गणेश

 

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:

 

रिद्धि-सिद्धि संग विराजे

गुण गान करता सारा संसार,

वीणा-वंशी-मृदंग बज रहे

सुगंधित सुन्दर वायु बह रही प्रिय गणेश।

 

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:

 

सजा लिया थाल आरती का

चंदन-वंदन, रोली-मोली से,

देव-दानव-मुनि- हम सब

पूजा कर रहे प्रिय गणेश।

 

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:।

 

भक्तों को सुख देने वाले

जीवन में अमृत रस भरने वाले,

गौरी पुत्र हम सब शरण तुम्हारी

सबकी प्रार्थना सुनो प्रिय गणेश।

 

ॐ जय गणपति गणेशाय नम:।

 

डॉ. प्रभा जैन “श्री ”

देहरादून

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!