
विघ्नहर्ता मंगलकारी
वन्दना प्रथम पूज्य देव की,
माथे पर कुमकुम- केसर- तिलक
गज मुख धारी प्रिय गणेश
ॐ जय गणपति गणेशाय नम:
कमल-कांति कंठ में
सुशोभित श्वेत मोती माला,
कर में मोदक सुन्दर नयन छवि अति प्रिय श्री गणेश की।
ॐ जय गणपति गणेशाय नम:
एक दन्त चंद्र समान ललाट
कर्ण विशाल,गज रूप,
पीतांबर वस्त्र लहराते
लम्बोदर कहलाते प्रिय गणेश।
ॐ जय गणपति गणेशाय नम:
रत्न जड़ित स्वर्ण सिंघासन बैठे
गणनायक मंगलमूर्ति सुख दायक
नूपुर ध्वनिबजतीरुनझुन-
रुनझुन
पैर बदलते जब प्रिय गणेश
ॐ जय गणपति गणेशाय नम:
रिद्धि-सिद्धि संग विराजे
गुण गान करता सारा संसार,
वीणा-वंशी-मृदंग बज रहे
सुगंधित सुन्दर वायु बह रही प्रिय गणेश।
ॐ जय गणपति गणेशाय नम:
सजा लिया थाल आरती का
चंदन-वंदन, रोली-मोली से,
देव-दानव-मुनि- हम सब
पूजा कर रहे प्रिय गणेश।
ॐ जय गणपति गणेशाय नम:।
भक्तों को सुख देने वाले
जीवन में अमृत रस भरने वाले,
गौरी पुत्र हम सब शरण तुम्हारी
सबकी प्रार्थना सुनो प्रिय गणेश।
ॐ जय गणपति गणेशाय नम:।
डॉ. प्रभा जैन “श्री ”
देहरादून




