
मलवा गिरा पहाड़ का
असर इंद्र की दहाड़ का
हैरत की कोई बात नहीं
आया माह आषाढ़ का
नदी नाले भी बहने लगे
बढ़ गया खतरा बाढ़ का
तिनका तिनका बह गया
लगा था ढेर कबाड़ का
गिरा दिया बडो बड़ों को
शीशम है चाहे ताड़ का
यह पानी है बरसात का
संकेत देता है उजाड़ का
यह कुछ दिन ही ठहरेगा
जैसे सांसद वायनाड का
पंडित पुष्पराज धीमान भुलक्कड़
गांव नसीरपुर कला हरिद्वार उत्तराखंड




