साहित्य

स्वाधीनता सेनानी शहीद भगत सिंह 

डॉक्टर शशिकला

27 सितंबर 1907 को, जन्मे क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह महान।

पिता सरदार किशन सिंह- माता विद्यावती की राष्ट्र प्रेमी संतान ।

बचपन में देखा था जलियांवाला निर्दोष हत्याकांड, मासूम ने ली थी बदले की ठान ।

कॉलेज पढ़ाई छोड़कर गांधी जी से जुड़े ,स्वाधीनता का चलाया अभियान।

पर नरम दल की नीति न जमी, गरम दल में गदर दल में पाया स्थान।

काकोरी कांड में राम प्रसाद बिस्मिल को हुई फांसी ,चंद्रशेखर आजाद और अन्य क्रांतिकारियों ने युद्ध किया घमासान।

हिंदुस्तान सोशलिस्ट संगठन में गदर दल का विलय कर ,मचा दिया तूफान।

17 दिसंबर 1938 को राजगुरु के साथ साडर्सको भेज शमशान ।

8 अप्रैल 1929 को बटुकेश्वर दत्त ने बम धमाका संसद भवन में किया, क्रांतिकारीयों में छाई मुस्कान।

सरदार भगत सिंह भागे नहीं ,हुए गिरफ्तार ,इंकलाब जिंदाबाद किया गान ।

23 मार्च 1931 को फांसी दी गई भगत सिंह को, रोया हिंदुस्तान ।

शहीद भगत सिंह ने स्वाधीनता के लिए ,दिया प्राणों का बलिदान। रचयिता

डॉक्टर शशिकला अवस्थी इंदौर मध्य प्रदेश

रचना स्वरचित मौलिक है

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