साहित्य

हर क्रांतिकारी को याद करें ” पंक्तियों द्वारा गुमनाम आदिवासी क्रांतिकारियों को 

डॉ मोहिनी गुप्ता

“हर क्रांतिकारी को याद करें ” पंक्तियों द्वारा गुमनाम आदिवासी क्रांतिकारियों को   मंगलवार को शहर में अंतर्राष्ट्रीय अनघ मंच भोपाल द्वारा “गुमनाम आदिवासी क्रांतिकारी महोत्सव का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी एवं आलोक संजर विशिष्ट अतिथि रहे। शौर्य स्मारक भोपाल में आयोजित इस आयोजन में साहित्यकार डॉ मोहिनी गुप्ता ने अपनी स्वरचित काव्य प्रस्तुति से आदिवासी क्रांतिकारी भीमा नायक को श्रद्धांजलि दी। उनकी पंक्तियों में देशभक्ति का जज्बा देखिये –

“किया नेतृत्व 1857 क्रांति में,निमाड़ संग आदिवासियों का।

जीता जागता उदाहरण बना, अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का।

अंबापानी युद्ध में डटकर, कमान संभाली जब भीमा ने।

कोशिशें हजार की पकड़ने को,गोरों के छूटे पसीने थे।

माता सुरसी बाई के आँगन में जन्मे,मां से ही शिक्षा पाई थी।

आजाद करो पुत्र भारत माँ को,ब्रिटिशों से युद्ध की ठानी थी।

देख जज्बा देश भक्त भीमा का, अंग्रेज़ भी थर्र-थर्र काँपते थे।

आसान नहीं था मारना तो, धोखे और छल का वार कर बैठे थे।

नमन ऐसे वीरों को, इस मिट्टी में जन्मे, इसी के लिए मर मिटे।

आओ याद करें ऐसे वीर सपूतों को,आज न कोई गुमनाम रहे।

हर क्रांतिकारी को याद करें, हर क्रांतिकारी को याद करें।”

अपनी ओजस्वी एवं देशभक्ति से पूर्ण काव्य प्रस्तुति के लिए डॉ मोहिनी गुप्ता को शौर्य स्मारक भोपाल में “अनघ क्रांति विजय अलंकरण- 2026” से सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से जाने -माने साहित्यकार शामिल हुए।

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