
देश के साथ धोखा हुआ था ।
याद है कारगिल में क्या हुआ था?
याद करो वीरों की शहादत,
धोखा देना ही है दुश्मनों की आदत।
ऐसा ही उस बार हुआ था।
सर्दियों का उठाकर फायदा,
पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पार किया था।
कारगिल सेक्टर की चोटियों पर करके कब्जा,
श्रीनगर को लेह से जोड़ने वाले राजमार्ग को बाधित किया था।
सोचा था भारत डर जाएगा।
लद्दाख से सेना का जमावड़ा हट जाएगा।
हमारे सैनिक जांबाज भी कम नहीं थे।
ऑपरेशन विजय था उन्होंने चलाया।
ढूंढ ढूंढ कर पाकिस्तान के सैनिकों को भगाया।
आत्मसमर्पण पाकिस्तानी सैनिकों ने भी करा था
भारत में भी बहुत से सैनिकों ने वीरगति को प्राप्त करा था।
उनकी शहादत को हम भुला ना पाएंगे,
कर्जदार है प्रत्येक भारतवासी उनका,
उनके सपनों को हम सजाएंगे।
प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को हम कारगिल दिवस मनाएंगे।
याद करके शहीदों को विश्वास हम दिलाएंगे।
व्यर्थ न जाएगी उनकी शहादत,
भारत देश को सुरक्षित सुंदर और अखंड बनाएंगे।
नमन करके प्रत्येक सैनिक को
दिलाते हैं विश्वास ,
तिरंगे की शान को आकाश तक पहुंचाएंगे।
मधु वशिष्ठ फरीदाबाद हरियाणा




