
काले काले बदल छा जाते हैं
सहसा वातावरण बदल जाते हैं
ठंडी हवा धीरे धीरे से फैलते हैं
पेड़ और पौधों झूम झूम उठते हैं।
वर्षा की बूँदे टप टप पड़ते हैं
इसे पृथ्वी पुलकित हो जाते हैं
और भूमि से धुँआ फैल जाते हैं
भूमि खुशबूदार से भर जाते हैं।
सावन वर्षा जोर से आते हैं
किसानों केलिए भला होते हैं
फसल उगने के अनुकूल होते हैं
पर्यावरण में परिवर्तन लाते हैं।
जीव जंतु केलिए भला होते
पक्षियों केलिए खूब सुंदर होते
नदियां नित पानी से भर जाते
प्रकृति शोभा सुंदर है सावन में।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश




