मेरा रंग दे बसंती चोला विषय पर कल्पकथा साहित्य संस्था की ओजस्वी २२८वीं काव्यगोष्ठी संपन्न

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि देशभक्ति के रंग में रंगी कल्पकथा साहित्य संस्था की २२८वीं साप्ताहिक काव्यगोष्ठी “मेरा रंग दे बसंती चोला” विषय पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पाँच घंटे तक चले इस दो-चरणीय आयोजन में देश के सात राज्यों के 17 प्रतिष्ठित कवियों ने राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में, स्वर्गीय प्रबुद्ध साहित्यकार श्री श्रीपति रस्तोगी लखनऊ उप्र, एवं कल्पकथा परिवार के सम्मानित सदस्य भगवानदास शर्मा ‘प्रशांत’ इटावा उप्र, की बैकुंठवासी माता श्रीमती लौंग श्री देवी जी की स्मृति को दो मिनट का मौन धारण करके श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इसके पश्चात, कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ महाराष्ट्र के नागपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार श्री विजय रघुनाथराव डांगे जी द्वारा एक मनमोहक संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
इस ऐतिहासिक काव्यगोष्ठी की अध्यक्षता उत्तराखंड के उत्तरकाशी की प्रख्यात साहित्यकारा श्रीमती आनंदी नौटियाल ‘अमृता’ जी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश, भोपाल के प्रसिद्ध कवि श्री राजीव रावत जी रहे। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच निवासी प्रतिष्ठित आशुकवि श्री भास्कर सिंह माणिक जी ने किया।
कार्यक्रम में वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, जालौन, सिद्धार्थनगर उप्र, बिलासपुर, रायगढ़ छग, भोपाल, जबलपुर, दतिया मप्र ,सीवान बिहार, नागपुर महा. उत्तरकाशी, हल्द्वानी उख, सोनीपत हरियाणा, सहित देश के विभिन्न कोनों से कवियों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश दिया।
· इस काव्य पाठ में सहभागी जन रहे अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, राजीव रावत, दिनेश कुमार दुबे, बिनोद कुमार पाण्डेय, आनंदी नौटियाल ‘अमृता’, दीदी राधा श्री शर्मा, गोपाल कृष्ण बागी, विजय रघुनाथराव डांगे, भास्कर सिंह माणिक, डॉ शशि जायसवाल, अमित पण्डा ‘अमिट रोशनाई’, डॉ अंजू सेमवाल, पवनेश मिश्र, डॉ श्याम बिहारी मिश्र, ज्योति प्यासी,डॉ मंजू शकुन खरे, सुजीत कुमार पाण्डेय आदि ने काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के १५०वें स्मरणोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में एक संगीतमय गायन हुआ। इसके पश्चात, संस्था की संस्थापिका दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा जी ने देश और समाज के नाम एक भावपूर्ण अपील करते हुए सभी से राष्ट्रप्रेम, एकता और सद्भावना को जीवंत रखने का आह्वान किया।
तत्पश्चात ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ शांति मंत्र का पाठ किया गया। इसके उपरांत, दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा जी ने सभी आमंत्रित अतिथियों, कवियों, श्रोताओं एवं सहयोगियों का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया तत्पश्चात कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।



