
चार दिवस का जीवन मानव,सदा रहो खुशहाल।
खट्टी मीठी यादें देकर, जाने वाला साल।
प्रण करते हर वर्ष हे मना, नहीं करोगे भूल।
पलक झपकते गलती करते,क्या करते मकबूल।
जीवन कि इस बिरवाई में,खिला रहे हर डाल।
खट्टी मीठी यादें देकर, जाने वाला साल।
अच्छाई सब गले लगाओ, कुटिल क्रूरता दूर।
जीवन में उत्कर्ष करो नित,खुशियां हों भरपूर।
जो पाया पर्याप्त मानिए,खुश रहिए हर हाल।
खट्टी मीठी यादें देकर, जाने वाला साल।
सुख दुख जीवन अंग हमारे,करिए इसे स्वीकार।
आने वाला समय सुखद हो,प्रभु से करो गुहार।
दुख पीड़ा सब भूल के मना,सुख को रखो संभाल।
खट्टी मीठी यादें देकर, जाने वाला साल।
डॉ.पुष्पा सिंह




