खट्टी-मीठी यादें देकर,बीत गया गत वर्ष
नव खुशियाँ नव उम्मीदों संग,आया है नववर्ष
क्या खोया क्या पाया,आओ थोड़ा मंथन कर लें,
खुशियाँ अपने पास रखें और,दुःख की झोली उलट दें
२०२६ आपके जीवन में नई ऊर्जा, नवचेतना और नव आशाओं का संचार करे। बीते समय के अनुभव विवेक बनकर साथ चलें और आने वाले दिन सृजन, सौहार्द और संतुलन से परिपूर्ण हों। जीवन-पथ पर आपके संकल्प दृढ़ हों। आप सदैव उल्लास से भरे रहें।
नववर्ष आपके लिए स्वास्थ्य, शांति, सफलता और सृजनशीलता के नवीन द्वार खोले l
रेखा बोरा, लखनऊ




