साहित्य
-
तुम्हें क्या नाम दूँ
हे ! निर्गुण ब्रहम हे ! निर्विकार , हे ! अजर,अमर हे! अविनाशी , किसी तरह भी , मैं तुमको…
Read More » -
स्त्री
औरत अपना हिस्सा कहाँ जी पाती है वह तो हिस्सों में ही जी पाती है कभी किसी की बिटिया कहलाती…
Read More » -
मां
मां हैं मां तेरे कदमों का इंतेज़ार,हो चुका है खत्म, तू माना सिर्फ ९ दिन के लिए आती है ,…
Read More » -
गौरैया की पुकार
छोटी सी चिड़िया, प्यारी सी गौरैया, आँगन में गूंजे उसकी मधुर मुरैया। फुदक-फुदक कर दाने चुनती, हर पल अपनी दुनिया…
Read More » -
शिव महिमा
शिव संग शिवा शशि मस्तक जो शुचि शीतलता अति पावन है। विष कंठ त्रिशूल गहे लगती सबको छवि लोक लुभावन…
Read More » -
माँ ब्रह्मचारिणी (द्वितीय दिवस)
नव प्रभात की पहली किरण में, तेरा ही उजियारा है, मां ब्रह्मचारिणी, तेरा रूप तपस्या का सितारा है। श्वेत वसन…
Read More » -
माँ शैलपुत्री
नमो नमः नव दुर्गे, अंबा शक्ति महान। शैलपुत्री भवानीं, करूँ हृदय से ध्यान।। हिमवन की तुम सुता, त्रिशूल कर कमल…
Read More » -
हिन्दु नववर्ष
शुरू हुआ चैत्र मास । संग शुरू हुए विक्रम संवत 2081 हिन्दु नववर्ष । सभी मिलजुल करें हर्ष । आया…
Read More » -
हिंद नव वर्ष
महक उठे धरा पर खुशबू , और खुशियों की बरसात हो । चैत मास के पावन महीना, नव वर्ष की…
Read More » -
माता शैलपुत्री का प्रथम दिन
नवरात्रि में प्रथम दिन शैलपुत्री का रूप जिस माँ को भजते है सभी श्रदा के अनुरूप। मां शैलपुत्री का पार्वती…
Read More »