साहित्य
-
आपसी बातें
अपनों के बीच जो गहरी बात होती है, वही तो रिश्तो की असली सौगात होती है। ना कोई परदा ना…
Read More » -
नारी तू अबला नही
भले ही माथे पर हो लकीरें परेशानी की, लेकिन तुझे मुस्कुराना ही होगा। माथे पर पड़ी सिलवटों को सबको ना…
Read More » -
गौरया दिवस
नन्ही, प्यारी – प्यारी चिड़िया, उड़ती फिरती प्यारी चिड़िया। गौरैय्या है सबकी प्यारी, घर – आंगन में बैठे चिड़िया। अब…
Read More » -
माँ अम्बे
भक्ति के, भाव में । मात की, छाँव में ।। बस यही, कामना । हमें तुम, तारना।। -1 हम करें…
Read More » -
मर्यादा पुरूषोत्तम राम की महिमा
राम जी के बिना कोई काम कब हुआ? यह बात सारी दुनिया , सृष्टि को मालूम है जब धरा दबी…
Read More » -
माशूक की अभिलाषा
सुनो! एक सिलेंडर भरवा लाओ न बुझी पड़ी है जो आग बरसों से फ़िर से जला लाओ न। यूँ तो…
Read More » -
गौरैया का वास हुआ
मेरे घर की दालानों में गौरैया का वास हुआ। पतझड़ में लगता जैसे, हरा – भरा मधुमास हुआ। दीवारों से…
Read More » -
मन की अलमारियाँ
कौन कहता है कि सीने में अलमारियाँ नहीं होतीं, यहाँ तो सुख-दुख की अनगिनत फाइलें संजोई होतीं। कुछ फाइलों में…
Read More » -
नव संवत्सर 2083
भारतीय नववर्ष सत्य सनातन है भारतीय नववर्ष सत्य सनातन है, हिन्दू धर्म संस्कृति का कैलेंडर है, माँ नवदुर्गा स्वागत करिये…
Read More » -
गौरैया कर गई पलायन
गौरैया की बाट जोहता, भरा सकोरा पानी से। गौरैया कर गई पलायन, जाने कब रजधानी से।। चलनी सूप हुये सब…
Read More »