साहित्य
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कविता
कविता है मोहन की मुरली की मस्तानी तान । व्रज की भोरी गोरी राधा की अधरन मुस्कान ।। ब्रह्मा की…
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कमज़ोर कड़ी
हर इंसान की ज़िंदगी में एक कमज़ोर कड़ी होती है किसी के दिल की मासूमियत किसी की आँखों की नमी…
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तृतीय चंद्रघंटा माता
तीसरी नवरात्रि माँ चंद्रघंटा बिराजे। महाकाल रूप धर करती चमत्कार।। सुर संत नर जन सब आरती उतारे। भक्त करे माँ…
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काव्य: “शब्दों का उत्सव – विश्व कविता दिवस”
आज शब्दों ने दीप जलाए, भावों ने आकाश सजाए। मन की वीणा झंकार उठी, कविता बनकर दुनिया सजी। हर अक्षर…
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मां के दूध की कीमत कोई नहीं चुका पाएगा
जिसने खुद भूखे रहकर हमें खिलाया है, आंसुओं को छुपाकर हंसना सिखाया है। रातों की नींदें जिसने हमारी खातिर खोईं…
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आंगन की रानी :गौरैया
नन्ही सी है जिसकी जान, आँगन की वह प्यारी शान। फुदक-फुदक कर दाना खाती, चीं-चीं कर सबको जगाती। अब न…
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कांटे भी साथी होंगे,,
माना कि आज राहें बहुत मुश्किल है, पर हर समस्या का कोई न कोई हल है। मेहनत करोगे तो उसका…
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कविता- एक रसधारा
शब्दों की लय में बहती एक रसधारा है कविता, मन के गहरे सागर का निर्जन किनारा है कविता। भावों की…
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तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा
हे आदि शक्ति सिंह वाहिनी, दीप सुगंध दिव्य दायिनी। दिवस तृतीय रूप तुम चंद्रघंटा, हो शक्ति का स्वरूप तुम। अर्धचन्द्र…
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भावों की सरिता कविता
जब भी शब्द रूप ले बहती मन के भावों की सरिता है, अभिव्यक्ति को मायने देती विचारों की संयोजिता है,…
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