साहित्य
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पिता
बनाना आसान है पिता का किरदार ईमानदारी से निभाना बहुत बहुत मुश्किल होता हैं बहुत कुछ सहन करना होता हैं…
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विश्व रेकॉर्ड में वरुण,महाराष्ट्र की साहित्यकारा अनुजा दुबे ’पूजा’ जो की सहभागिता*
के सात आयाम’ विषय पर विश्व के कोने कोने से अनेकों कवियों ने अपनी रचनाओं का सहयोग देकर “विश्व रेकॉर्ड”…
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पिता
ता केवल एक शब्द नहीं, जीवन का सबसे मजबूत आधार हैं। वह दीपक हैं, जो स्वयं जलकर बच्चों को उज्ज्वल…
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समत्वं योग उच्यते
समत्वं योग उच्यते —————– योग शब्द का सामान्य अर्थ जुड़ना, मिलना अथवा तादात्म्य स्थापित करना है। इसकी निष्पत्ति संस्कृत…
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स्वाभिमान साहित्यिक मंच
स्वाभिमान साहित्यिक मंच का 46वें राष्ट्रीय कवि दरबार: काव्य रस में डूबे श्रोता पटियाला। स्वाभिमान साहित्यिक मंच द्वारा…
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पिता की डायरी के कुछ पन्ने
डायरी के कुछ पन्ने, आज अचानक खुल गए। बीते वर्षों की मधुर स्मृतियाँ, शब्दों में फिर घुल गए। एक पन्ने…
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करो_योग_रहो_निरोग*
योग, रहो निरोग, यही जीवन का है सुखद संयोग, तन में शक्ति, मन में प्रकाश, योग से मिलता नव उल्लास,…
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हक़ीक़त-ए-दिल
लिखता है वो, आसमां लिखता है, हक़ीक़त-ए-दिल मग़र कोई कहाँ लिखता है? जो गुज़रती है रूह पर, वो छुपा लेता…
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छाया हैं पिता
गद की घनी छाया हैं पिता छाँव में उसके भूलता हर दर्द। पिता करते नहीं दिखावा कोई आँसू छिपाते…
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