साहित्य

  • स्वतंत्रता

    सेनाएँ तैनात हैं, तेज घाम अरु शीत। सैन्य सभी गाते सदा,देश प्रेम का गीत।। मंदिर घण्टी सुन उठे,सुनकर उठे अजान।…

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  • ज्ञान का भंडार दे माँ

    ले मुझे अपनी शरण में, शारदे तू तार दे माँ । शब्द में हो भाव अनुपम, लेखनी में धार दे…

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  • सरस्वती वंदना

    हे वरदायिनी मां वीणावादिनी मां नव नभ में नव गीत भर दे नव लय नव स्वर भर दे हे ज्ञानदायिनी…

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  • ऋतुराज बसंत

    आया माघ-शुक्ल फूले वन-वन-आँगन पलाश, धरती का अद्भुत होए शृंगार रे! मुस्काए बसंत ऋतुराज रे, मुस्काए बसंत ऋतुराज रे। कण-कण…

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  • किस बात की है अभिमान

    मिट्टी का है         हमारा ये तन की धन मिट्टी से        बना     जीवन  की…

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  • बसन्त

    हिय जिय मनवा से हो गइल,सब ऋतुअन क अन्त। नयन पुष्प सबकर खिलल,छाइल ऋतुराज बसन्त।। छाइल ऋतुराज बसन्त,माघ शुक्ल पंचमी…

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  • गजल

    सोच को सुंदर बनाएं शारदे। प्यार की भाषा सिखाएं शारदे।। लेखनी में भाव सुंदर हों मृदुल , ध्यान में चिंतन…

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  • साक्षात्कार

    क्या हुआ रजत ! आज तो आपका साक्षात्कार है। फिर आज सुबह -सुबह ऐसा क्या हुआ कि आपको शराब का…

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  • उल्लू हैं

    उल्लू हैं और उल्लू के पट्ठे हैं देश सारा इनके सदके है। जो लगा रहे नारे सड़कों पे थोड़ा गुनाह…

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  • माँ शारदे

    हे विद्यादायिनी माँ शारदे कभी पृथ्वी पर चरण तू रख दे अज्ञानता फैली हर जगह है ज्ञान दीप प्रज्वलित कर…

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