
सोच को सुंदर बनाएं शारदे।
प्यार की भाषा सिखाएं शारदे।।
लेखनी में भाव सुंदर हों मृदुल ,
ध्यान में चिंतन जगाए शारदे ।
कर्म पथ पर सुदृढ़ता दे धैर्य दे,
सम सुरों की धुन जुटाए शारदे।
शब्द हो पावन कलम मोती चुने,
लोक का पथ हम दिखाए शारदे ।
धुंध भ्रम की है छॅंटी ना अब तलक,
ज्ञान का सूरज उगाए शारदे।
हर हृदय में प्रेम भरती साधना,
द्वेष की दीवार ढाए शारदे।
बस कलम चलती रहे सुंदर लिखे,
बस सुमन के ध्यान आए शारदे।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार




