साहित्य
-
जादुई घोड़ा
था जादुई घोड़ा राणा का वो, हवा से बातें करता था। उसकी चाल के आगे तो, हवा भी मद्धिम लगती…
Read More » -
दो सहेलियों का मधुर मिलन (हास्य-व्यंग्य)
गीता और सीता दो सहेली थी। दोनों में मधुर संबंध था। दोनों बहुत दिनों के बाद मिली थी। दोनों ऐसे…
Read More » -
अपनी मुस्कुराहट नहीं छोड़ते हैं
कांटों में खिल मुस्कुराता है गुलाब, जीने की अदा सिखाता है गुलाब, ऐसा ही होता है गुलाब का अंदाज, कांटों…
Read More » -
मन मेरा डोले भोले
कहां-कहां मन मेरा डोले, पवन गति से इत-उत दौड़े, समय की घड़ियां रुक नहीं सकतीं, सार समझ ले रे मन…
Read More » -
रसोई में सन्नाटा
लो रसोई में सन्नाटा छा गया लगता सिलेंडर खत्म हो गया जब से किल्लत बढ़ी बाजार में एक नया सवाल…
Read More » -
सोशल मीडिया का संसार
हथेली में सिमट गया है अब पूरा जगत का विस्तार, एक क्लिक में जुड़ जाते हैं दिल से दिल, विचार…
Read More » -
एकतरफ़ा कहानी
लोगों ने वही सुना जो ज़ोर से बोला गया, वही आवाज़ जिसने गर्व से कहा। उसने उसे अस्थिर कहा, टूटा…
Read More » -
फायकू पगडंडी
पगडंडी कहती चलना सीखो राह भले छोटी तुम्हारे लिए कदम-कदम पर धूल हौसला भरा हो तुम्हारे लिए वन छाया साथ…
Read More » -
इश्क़ सूफ़ियाना
इश्क़ अगर रूह से रूह का तराना हो, तो हर धड़कन में बस एक फ़साना हो। ना चाहत में कोई…
Read More » -
अब दिल नहीं चाहता किसी को भी
दिल को अब किसी सहारे की तलब ही नहीं, इतनी ठोकरें मिली हैं कि खुद पत्थर हो गए । अब…
Read More »