साहित्य
-
भोले संग इठलाता
भोले की राह चला करता, भोले की राह बुहारूं मैं, आए थे ….आए थे … रात वो सपने में, मैं…
Read More » -
संरक्षण एवं दम तोड़ती सरकारी योजनाएं
हमारे चारों ओर उपलब्ध परिवेश, भले ही वह प्राकृतिक हो या मानव निर्मित, जिसमें हम रहते हैं वह सभी जीव…
Read More » -
पहाड़ की हँसी
ऊँचे शिखर से कूद पड़ा वो मतवाला, चट्टानों से टकराता, गाता गीत निराला। मोतियों-सा बिखरता, चाँदी-सा चमकता, धूप से खेलता,…
Read More » -
जाग माँ फिर से
जाग माँ फिर से, वर दे आत्मज्ञान का। हो रहा चहुंँ ओर तांडव, हिंसा और अज्ञान का। प्रबुद्ध चेता सो…
Read More » -
कितनी बातें होती हैं
हर किसी के मन में जो किसी से कह सकें कभी सही समय नहीं मिलता कभी सही इन्सान कभी बातें…
Read More » -
छोटी सी बात है
वक्त का पता नहीं चलता अपनो के साथ, अपनो का पता चल जाता हैं वक्त के साथ। छोटी सी बात…
Read More » -
लिखा तुकांत-इत्
यादों की अलकावलि पर जब, महका पावन प्रीत लिखा। सांसों की सरगम ने तब ही, जीवन का संगीत लिखा।। …
Read More » -
मैं स्वागत के लिए आतुर हो
फर्स्ट एडिटर — मैं स्वागत के लिए आतुर हो, तुम्हारे लिए स्वागत द्वार बना रहा हूं मन में, सोतों…
Read More » -
धरती का श्रृंगार करें
आओ मिलकर प्रण ये लें, धरती का श्रृंगार करें। पेड़ लगाएँ, जल बचाएँ, हरियाली से प्यार करें॥ नीला अम्बर, स्वच्छ…
Read More » -
ग़ज़ल
तन्हाई का यह रास्ता चुनता यहां कौन। इस दर्द की दीवार को बुनता यहां कौन।। मांगी थी सदा मैने…
Read More »